भारत की राजनीति में कांग्रेस पार्टी का कितना बड़ा योगदान रहा है लेकिन धीरे-धीरे समय बदल रहा है लेकिन कांग्रेस पार्टी बदलने का नाम नहीं ले रही है, जिसका खामियाजा उसे खुद भुगतना पड़ रहा है। एक ओर जहां जनता युवा नेताओं को मौका देना चाहती है वहीं कांग्रेस पार्टी युवा नेताओं को सत्ता से दूर रख रही है, नतीजा सिंधिया जैसे कारगर नेता कांग्रेस से दूरी बना रहे हैं। कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद सिंधिया अपने रंग में नजर आ रहे हैं हालांकि उन्होंने अभी भी मीडिया से दूरी बना रखी है।

सिंधिया के बाद अब राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भी रंग बदलना शुरू कर दिया है। आपको बता दें कि इस राजस्थान की राजनीति में सचिन पायलट का बहुत बड़ा योगदान है। राजस्थान के लोग सचिन पायलट को एक बड़ा अवतार समझते हैं और सचिन पायलट से कुछ अच्छा करने की उम्मीद भी रखते हैं। सचिन पायलट की तरफ से बयान आया है कि उन्हें अभी भी कांग्रेस पार्टी से उम्मीद है, भविष्य में कांग्रेस पार्टी सिर्फ उनके लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए अच्छा काम करेगी।

उन्होंने सिंधिया की ओर इशारा करते हुए कहा कि सब्र का फल मीठा होता है, वरना यह राजनीति तो चलती ही रहती है। अपनी प्रतिभा खुद दिखाओ और हो सके तो नई पार्टी बनाओ लेकिन इस तरह दलबदल करना एक सच्चे नेता की पहचान नहीं होती। इस बयान के बाद राजस्थान की राजनीति में भी बड़ी हलचल देखने को मिली है, आने वाले समय में राजस्थान के मुख्यमंत्री पद को लेकर हलचल तेज हो सकती है।